पशु प्रबंधन में संतुलित आहार और स्वास्थ्य का महत्व

भारत में डेयरी किसान की आय मुख्य रूप से उसके पशु के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर निर्भर करती है। यदि पशु स्वस्थ हैं, तो दूध की गुणवत्ता, मात्रा और लाभ तीनों में वृद्धि होती है।
संतुलित आहार का सीधा संबंध पशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता, प्रजनन स्वास्थ्य और पाचन तंत्र से है। जब पशु को उसकी उम्र, वजन, और दूध उत्पादन के अनुसार पोषण नहीं दिया जाता, तो वह जल्दी थकता है, बार-बार बीमार होता है, और दूध उत्पादन में गिरावट आ जाती है।

ग्वाला पशु आहार जैसे वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए फ़ीड न केवल सभी आवश्यक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और विटामिन प्रदान करते हैं, बल्कि इसमें ऐसे खनिज भी शामिल हैं जो हड्डियों, मांसपेशियों और पाचन को मजबूत करते हैं।

साथ ही, संक्रमण, गर्भावस्था के दौरान जटिलताएँ और प्रसव के बाद की थकावट जैसी समस्याएं भी कम होती हैं। स्वस्थ पशु = ज़्यादा दूध = ज़्यादा लाभ = खुशहाल किसान।

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