हर मौसम में पशु कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इन बीमारियों का समय पर निदान और रोकथाम किसान के लिए अनिवार्य है, क्योंकि छोटी सी चूक बड़े नुकसान में बदल सकती है।
कुछ सामान्य रोग:
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FMD (मुंह-खुर रोग): वायरस से फैलता है, दूध उत्पादन में गिरावट।
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ब्लोट (अफारा): गैस बनने से पेट फूलना।
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किटोसिस: ऊर्जा की कमी से दूध में गिरावट और कमजोरी।
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कैल्शियम की कमी (मिल्क फीवर): प्रसव के तुरंत बाद होता है, अगर ध्यान न दिया जाए तो जानलेवा हो सकता है।
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मस्ताइटिस (थन की सूजन): बैक्टीरियल इंफेक्शन से होता है, दूध की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
रोकथाम के उपाय:
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समय पर टीकाकरण
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साफ़ और सूखा वातावरण
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संतुलित आहार
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नियमित चेकअप और निगरानी
ग्वाला ट्रांज़िशन मिक्स और सुपर फैट प्रो एनर्जी प्लस जैसे उत्पाद विशेष रूप से इन अवस्थाओं के लिए बनाए गए हैं ताकि पशु को ज़रूरी ताकत और पोषण मिल सके।
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