इस आयोजन में जयपुर और आस-पास के डेयरी किसानों ने भाग लिया। कार्यशाला में पशु स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की गई, जैसे कि कम बॉडी कंडीशन स्कोर (BCS), पाचन संबंधी दिक्कतें, दूध उत्पादन में गिरावट आदि। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को यह बताया कि कैसे संतुलित आहार और नियमित पोषण मूल्यांकन से इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। BCS स्कोरिंग कैलकुलेट करने का अभ्यास कराया गया और प्रत्येक किसान को उनकी गायों के लिए उचित आहार की सलाह दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और किसानों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से सक्षम बनाना था।
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मुख्य गतिविधियां: कंडीशन निगरानी, BCS स्कोर निर्धारण, प्रजनन परामर्श, पोषण सुधार और टीकाकरण अभियान।
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क्या हुआ:
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BCS जांच के माध्यम से पतली व मोटी गायों के लिए अनुकूल आहार योजना बनाई गई।
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पशु पोषण और रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पाचन सुधार और ऊर्जा संतुलन पर चर्चा हुई।
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परिणाम: किसानों ने पॉकेट-फ्रेंडली आहार योजनाओं और पशु देखभाल के तरीके अपनाए, जिससे गायों की सेहत बेहतर हुई।
