इस एकदिवसीय शिविर का आयोजन शाहपुरा में स्थानीय पशुपालकों की समस्याओं को समझने और हल निकालने के उद्देश्य से किया गया। विशेष ध्यान पशुओं में मौसमी बीमारियों, दूध में कमी, कमजोरी, और संक्रमण पर केंद्रित था। उपस्थित पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने ही पशुओं की जांच की और किसानों को आवश्यक दवाइयां और आहार संबंधी सलाह दी। इसके अतिरिक्त, पशु आहार के सही भंडारण, नियमित टीकाकरण और साफ-सफाई जैसे पहलुओं पर भी चर्चा की गई। इस शिविर ने स्थानीय पशुपालकों में जागरूकता बढ़ाई और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया।
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मुख्य बिंदु:
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बीमारी पहचान, उपचार, पोषण हस्तक्षेप और पशु रोग नियंत्रण
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पशुधन सेवा प्रणाली में स्थानीय बाधाओं (Delays, lack of specialists) पर चर्चा ।
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परिणाम:
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इलाज के बाद पशु स्वास्थ्य में सुधार
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स्थानीय किसानों ने पशु सेवा उपयोग को अपनाया और जागरूकता फैलायी।
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